माँ बगलामुखी के भक्त की महिमा
पिताम्बरा बगलामुखी, आप परम विद्या की सच्ची स्वरूप हैं और तीनों लोकों की जननी मानी जाती हैं। आप सभी मुसीबतों का नाश करने वाली, शत्रुओं की जिव्हा को त्रिशूल से कलंकित कर उन्हें नष्ट करने वाली त्रिशूलधारिणी हैं। जब से मैंने आपके मंदिर में दर्शन किए हैं, मुझे अपनी आंतरिक शक्ति का अनुभव हुआ, आँखों के अंधकार से मुक्ति मिली और अस्थिर कदम स्थिर एवं दृढ़ हो गए। धर्मग्रंथ भी यही प्रमाणित करते हैं कि आप वीरों की भूषण और शत्रुओं का नाश करने वाली माता हैं।
आप आदिशक्ति हैं और अब मुझे यह सत्य ज्ञात हुआ कि आप शत्रुओं का संहार करने वाली त्रिशूलधारिणी हैं। आपके द्वार पर जो भक्त दुःख और अशांति के साथ आता है, वह प्रसन्नता और विश्वास के साथ लौटता है। इसी कारण कहा गया है—
"तुम बगलामुखी सर्वेषां दुष्टानां त्वां च मुखं पदम स्तब्धं करोति, जिह्वां कीलयति, बुद्धिं विनाशयति तथा तारणं करोति।" आप स्थिर हैं, मायाजाल का नाश करने वाली हैं और सभी प्रकार के संकटों से भक्तों की रक्षा करने वाली माता हैं।
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मैं पंडित श्याम गुरु, माँ बगलामुखी का उपासक हूँ। सर्व सिद्ध पीठ माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा, जिला आगर मालवा (मध्य प्रदेश) में पिछले 10 वर्षों से हवन, पूजन, यज्ञ एवं अनुष्ठान जैसी पूजा-पाठ की सेवाएँ करता आ रहा हूँ। बचपन से ही माँ बगलामुखी के प्रति मेरी गहरी आस्था रही है। माँ की कृपा से भगवती बगलामुखी माई के मंदिर में हवन, पूजन और अनुष्ठान करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है।
पंडित श्याम गुरु
बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा








